वेदांता एल्युमिनियम ने AutoEdge 2026 में ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए और बेहतर मेटल उत्पाद लॉन्च किए
AutoEdge 2026 कार्यक्रम में भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां एक साथ आईं। कार्यक्रम में पैनल चर्चाएं, तकनीकी प्रस्तुतियां और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिसमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई।
New Delhi [India], August 20: भारत की प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम (BSE: 544780 | NSE: VAML) ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले प्राइमरी फाउंड्री अलॉय (PFA) रेंज के तहत दो नए और उन्नत उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय, जिसे हाई-परफॉर्मेंस ऑटोमोबाइल के लिए विकसित किया गया है, और वेदांता फाउंड्री अलॉय (VFA) शामिल हैं। VFA को बेहतर मजबूती और टिकाऊपन के लिए IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है। ये दोनों नए उत्पाद अगली पीढ़ी के ऑटोमोबाइल बनाने में नई संभावनाएं लेकर आए हैं। इनकी मदद से हल्के, सुरक्षित और अधिक बेहतर वाहन बनाने में मदद मिलेगी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
इन दोनों उत्पादों को भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों और एडवांस्ड ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के सामने AutoEdge 2026 में पेश किया गया। यह वेदांता एल्युमिनियम का ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए विशेष कार्यक्रम है। अब अपने दूसरे संस्करण में आयोजित AutoEdge 2026 में कई पैनल चर्चाएं, तकनीकी प्रस्तुतियां और विशेषज्ञों के विचार शामिल रहे, जिनमें ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य के रुझानों पर चर्चा की गई।
वेदांता एल्युमिनियम भारत में PFA (प्राइमरी फाउंड्री अलॉय) का सबसे बड़ा उत्पादक है। कंपनी की PFA बनाने की क्षमता 3.8 लाख टन प्रति वर्ष (KTPA) है। इसके अलावा, कंपनी के पास अलग-अलग आकार के बिलेट्स बनाने की 8.3 लाख टन प्रति वर्ष (KTPA) क्षमता भी है। कंपनी के ऑटोमोबाइल उत्पादों में अलॉय व्हील, सिलेंडर हेड, इंजन के हिस्सों और अन्य ऑटोमोबाइल कास्टिंग में इस्तेमाल होने वाले PFA उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, HVAC और दुर्घटना के दौरान ज्यादा सुरक्षा देने वाले इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए विशेष बिलेट्स भी बनाए जाते हैं। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी 90% तक बढ़ाने पर भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य भारत और दुनियाभर में उच्च गुणवत्ता वाले और टिकाऊ तरीके से बनाए गए एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करना है।
वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, “भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और इसमें हल्के, मजबूत और बेहतर मटेरियल की मांग बढ़ रही है। एल्युमिनियम अपने हल्के वजन, मजबूती, टिकाऊपन, जंग से बचाव और बार-बार रीसायकल किए जा सकने की क्षमता के कारण इन जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर विकल्प है। वेदांता एल्युमिनियम में हम अपने ऑटोमोबाइल ग्रेड उत्पादों को नई पीढ़ी की उन्नत धातुओं के साथ और मजबूत कर रहे हैं। ये उत्पाद भारत में ही विकसित और तैयार किए गए हैं और इनमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता और प्रदर्शन को ध्यान में रखा गया है। ये नए उत्पाद हमारे ‘मेक इन इंडिया’ के प्रयास को और मजबूत करते हैं और देश में वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने में योगदान देते हैं।”
इन दोनों नए उत्पादों को ऑटोमोबाइल उद्योग में हल्के, ज्यादा बेहतर और कठिन परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करने वाले वाहनों की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कॉपर-डोप्ड अलॉय में कॉपर की मजबूती देने वाली खूबियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे इसकी मजबूती, घिसाव से बचने की क्षमता और ज्यादा तापमान में प्रदर्शन बेहतर होता है। इसलिए यह इंजन, ट्रांसमिशन और पावरट्रेन के महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। वहीं, वेदांता फाउंड्री अलॉय (VFA) में कम वजन के साथ ज्यादा मजबूती, जंग से बेहतर बचाव और बेहतर कास्टिंग क्षमता दी गई है। यह इसे पारंपरिक और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों में कई तरह के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त बनाता है।
इन दोनों नए उत्पादों की मदद से ऑटोमोबाइल निर्माता कंपोनेंट्स की उम्र बढ़ाने, वाहनों की दक्षता और भरोसेमंद प्रदर्शन को बेहतर करने और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी की बदलती जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होंगे। अपनी बढ़ती R&D क्षमताओं के साथ, वेदांता एल्युमिनियम OEMs और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि उन्नत और बेहतर मटेरियल सॉल्यूशंस तैयार किए जा सकें।
इस बढ़ते पोर्टफोलियो से भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत सप्लाई चेन और जरूरी कच्चे माल के लिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। भारत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार है और पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। भारत में तैयार और विकसित किए गए हाई-परफॉर्मेंस, ऑटोमोबाइल-ग्रेड अलॉय की उपलब्धता बढ़ाकर वेदांता एल्युमिनियम वाहन निर्माताओं को देश से ही ज्यादा सामान खरीदने, आयात पर निर्भरता कम करने और मजबूत व भविष्य के लिए तैयार वैल्यू चेन बनाने में मदद कर रहा है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य को सीधे समर्थन देती है।
वेदांता एल्युमिनियम ने अपने नए उत्पादों में गुणवत्ता और टिकाऊपन को खास महत्व दिया है। इसके चलते कंपनी के ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब उसके ग्राहक 60 से ज्यादा देशों में हैं। इनमें अमेरिका, जापान, इटली, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार भी शामिल हैं। कंपनी के सभी उत्पाद Vedanta Metal Bazaar के जरिए भी उपलब्ध हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा नॉन-फेरस मेटल्स ई-स्टोर है। हाल ही में कंपनी ने अपने वैश्विक ग्राहकों के लिए इसमें नया एक्सपोर्ट मॉड्यूल भी शुरू किया है।
ओडिशा के झारसुगुड़ा और छत्तीसगढ़ के कोरबा (बाल्को) में स्थित वेदांता एल्युमिनियम के स्मेल्टर को टिकाऊ तरीके से काम करने के लिए दुनिया भर में मान्यता प्राप्त एल्युमीनियम स्टीवर्डशिप इनिशिएटिव (ASI) के परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड से प्रमाणित किया गया है। इसके अलावा, कंपनी के उत्पादों की पूरी रेंज भारत में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के सभी लागू मानकों के तहत प्रमाणित होने वाली पहली रेंज है। कंपनी का फोकस ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने पर है। इसके तहत जरूरत के अनुसार अलॉय तैयार करना, आधुनिक तकनीक से उत्पादन और पूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेहतर उत्पाद और अधिक मूल्य मिल सके।
